पूर्वी राजस्थान के 10 जिले और 39 विधानसभाओं के के राजपूत समाज के हजारों की संख्या में लोग हुए शामिल! गंज
अलवर (खेड़ली): 1 फरवरी, 2026 को अलवर जिले के गंज खेड़ली स्थित कृषि उपज मंडी मैदान में किया गया। इस भव्य सम्मेलन में 10 जिलों के 39 विधानसभा क्षेत्रों से लगभग 50000 लोगों ने हिस्सा लिया।राजस्थान के आगामी पंचायतराज एवं स्थानीय निकाय चुनावों से पहले क्षत्रिय समाज ने अपनी ताकत दिखाते हुए ‘EWS आरक्षण’ को मुख्य चुनावी मुद्दा घोषित कर दिया है। खेड़ली में आयोजित “पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम” में हजारों की भीड़ के बीच शक्ति सिंह बांदीकुई ने स्पष्ट किया कि अब राजनीतिक दलों को EWS आरक्षण पर अपना रुख साफ करना होगा।
महासमागम में समाज ने प्रमुख रूप से EWS आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% करने और इसे पंचायत चुनाव में भी लागू करने की मांग उठाई। शक्ति सिंह ने कहा कि शिक्षा और रोजगार में समान अवसर के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल (चेयरमैन, UGPF) ने शिक्षा और खेल प्रतिभाओं की मदद पर जोर देते हुए कहा कि जातिवाद के बजाय सामाजिक एकता से ही भविष्य मजबूत होगा।
- ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण: आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को अनिवार्य रूप से लागू करने और इसके कोटे को 10% से बढ़ाकर 20% करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
- राजनीतिक प्रतिनिधित्व: पूर्वी राजस्थान में राजपूत समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने और स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक दलों को अपना रुख साफ करने का आह्वान किया गया।
- शिक्षा और रोजगार: समाज के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा की गई। सामाजिक एकता मंच ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सहायता का संकल्प भी दोहराया।
- प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में मुख्य ध्वजवाहक शक्ति सिंह बांदीकुई, यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल, रिटायर्ड IAS राजेंद्र सिंह शेखावत और ब्रिगेडियर जितेंद्र सिंह जैसे दिग्गज मौजूद रहे।
- विशेष आकर्षण: सम्मेलन में पहुँचने वाले समाज के लोगों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।
- ज्ञापन: समागम के अंत में शक्ति सिंह बांदीकुई के नेतृत्व में उप-तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर उपखंड अधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
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सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु ईडब्ल्यूएस आरक्षण की विसंगतियों को दूर करना और इसके दायरे को बढ़ाना रहा:
- आरक्षण में वृद्धि: वर्तमान 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण को बढ़ाकर 20% करने की पुरजोर मांग की गई।
- चुनावी अनिवार्यत: आगामी पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की गई, ताकि स्थानीय स्तर पर भी समाज को समान अवसर मिल सकें।
- सरलीकरण का मुद्दा: राजस्थान की तर्ज पर केंद्र सरकार के स्तर पर भी ईडब्ल्यूएस नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे प्रमाणपत्र प्राप्त करने की जटिलताएं खत्म हों।
2. राजनीतिक रणनीति (Political Strategy)क्षत्रिय समाज ने पूर्वी राजस्थान के 10 जिलों की 39 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक उपेक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है:- राजनीतिक दलों को अल्टीमेटम: समाज के नेताओं, विशेषकर शक्ति सिंह बांदीकुई ने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों को ईडब्ल्यूएस आरक्षण और प्रतिनिधित्व पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
- एकजुट वोट बैंक: 39 विधानसभा क्षेत्रों से जुटे हजारों लोगों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज अब एक संगठित वोट बैंक के रूप में कार्य करेगा और जो दल उनकी मांगों का समर्थन करेगा, समाज उसी के साथ खड़ा होगा।
- प्रतिनिधित्व की मांग: पूर्वी राजस्थान में राजपूत समाज के लिए टिकट वितरण और सरकारी पदों पर आनुपातिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग को मजबूती से उठाया गया।
3. सामाजिक और भविष्य की रणनीति- सामाजिक एकता मंच: इस मंच के माध्यम से ’36 कौम’ (सभी जातियों) को साथ लेकर चलने और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाने का संकल्प लिया गया।
- शिक्षा-रोजगार क्रांति: युवाओं को केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी आगे लाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
Author: गणेश सिंह शेखावत
मुख्य संपादक भारत टीवी लाइव









