Synopsis : वाराणसी में रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर काशी लौटते हैं। मान्यता है कि इसी अवसर पर बाबा विश्वनाथ काशीवासियों के साथ होली खेलते हैं और यहीं से होली की शुरुआत होती है। अगले दिन बाबा अपने गणों संग मणिकर्णिका घाट, महाश्मशान पर पहुंचते हैं। यहां भूत, पिशाच, किन्नर और यक्ष के साथ चिता भस्म से होली खेली जाती है। इसे ‘मसाने की होली’ कहा जाता है। इस अनोखी परंपरा को देखने और भस्म की होली खेलने लाखों श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। बाइट- अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी वाराणसी बाइट- भक्तगण
Author: गणेश सिंह शेखावत
मुख्य संपादक भारत टीवी लाइव
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