भारत सरकार का बजट 2026 भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लूप्रिंट
-कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

#करौली, 2 फरवरी। ष्भारत सरकार का बजट 2026 भावी पीढ़ी के लिए विकास का ब्लूप्रिंट है, बजट में पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना, दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना, तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न को साकार करना हैष्, यह कथन रहे राजस्थान के कैबिनेट मंत्री (डीओआईटीसी, उद्योग एवं वाणिज्य, युवा एवं खेल, कौशल विकास एवं उद्यमिता, सैनिक कल्याण विभाग) कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के। जिन्होंने सोमवार को कलेक्टेट सभागार में केन्द्रीय बजट 2026 को लेकर प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रेस वार्ता में माननीय मंत्री ने केन्द्रीय बजट 2026 की प्रमुख विशेषताओं, सरकार की विकास प्राथमिकताओं तथा जनकल्याण से जुड़े प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 हर नागरिक के सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला बजट है। यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमी के सशक्तिकरण की स्पष्ट दिशा दिखाता है। यह बजट युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला है, किसानों के विश्वास को मजबूत करने वाला है, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक है और मध्यम व गरीब वर्ग को सशक्त करने की सोच को आगे बढ़ाता है। बजट 2026-27 इतिहास में उस बजट के रूप में याद किया जाएगा, जिसने विकसित भारत के संकल्प को ठोस आधार दिया।
यह इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है, और वित्त मंत्री निर्मला जी लगातार 9वीं बार संसद में बजट प्रस्तुत कर रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में दर्ज हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी जी बार-बार कहते हैं कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। बजट 2026 इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। हमारी सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि भारत अब केवल सुधारों की चर्चा नहीं करता, बल्कि रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का सबसे मजबूत इंजन नारी शक्ति हैं।
बजट 2026 में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है, वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। युवाओं के लिए अवसर सृजन हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इसमें युवा महिलाओं की भूमिका केंद्रीय है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी में युवाओं को प्रशिक्षित कर भारत भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार कर रहा है। हमारा मानना है कि इसे केवल बजट कहना न्यायसंगत नहीं होगा, यह बजट नहीं बल्कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने वाला विजन पत्र है। यह विजन न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया है।
सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट 2026:-
इस बजट को देखकर निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि ळल्।छ यानी ळ-गरीब, ल्-युवा, ।-अन्नदाता और छ-नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार समर्पित है।
मध्यम वर्ग को बजट से मिली बड़ी राहत:-
स्वास्थ्य के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य या बहुत कम कर दिया गया है। मिडल क्लास परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। अब कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए अफसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। एक ऑटोमैटिक और नियम आधारित सिस्टम के जरिए यह काम आसान हो जाएगा। इससे मध्यम वर्ग के लोगों को काफी लाभ होगा। एलआरएस के तहत मिडल क्लास परिवारों के लिए विदेश घूमना और बच्चों को बाहर पढ़ाना अब सस्ता होगा। विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे माता-पिता की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
युवा केंद्रित बजट:-
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यमश् स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा। युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर विशेष जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा के माध्यम से रोजगार और उद्यम के अवसर बढ़ाने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी। इस समिति का लक्ष्य वर्ष 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी हासिल कर देश को अग्रणी बनाना है। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देगी।
महिला सशक्तिकरण की नई दिशा देने वाला बजट:-
महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वी.जी.एफ. और पूंजीगत सहायता के माध्यम से देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के तहत संसाधनों और अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। इससे महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर जाने में मदद मिलेगी। एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड घोषित किया गया है, जो महिलाओं के लिए इक्विटी सपोर्ट प्रदान करेगा। देखा जाए तो पहली बार उद्यमी महिलाओं के लिए टर्म लोन और मेंटरशिप का विस्तार किया गया है। लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू हुई इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। योजना के तहत महिलाओं को आजीविका से बढ़ाकर बिजनेसवुमन बनाने की ओर बढ़ाया जाएगा। इसके लिए कई तरह की पहलें शुरू की जाएंगी, ताकि वे उद्यमी की भूमिका में आएं।
रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने वाला बजट:-
रोजगार बजट 2026 में हेल्थ केयर सिस्टम की मजबूती को ऐलान किया गया। इसे लेकर निर्मला सीतारमण ऐलान किया कि आगामी 5 सालों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देने का भी ऐलान किया गया है साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने पर जोर देगी। विकसित भारत का मुख्य चालक सेवा क्षेत्र रहेगा, और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी जो एआई और नई तकनीकों के प्रभाव का आकलन करेगी।
कृषि के साथ अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने वाला बजट:-
किसानों के लिए किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए यह बजट अत्यंत सकारात्मक है। भारत-विस्तार नामक बहुभाषीय एआई टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों को तकनीक से जोड़ा जाएगा। उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देते हुए नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है. साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त, सहकारी संस्थाओं को पशुचारे और बिनौले की आपूर्ति पर कर कटौती का लाभ देकर कृषि क्षेत्र को मजबूती दी गई है। कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने की घोषणा की है।
बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। आज पशुपालन केवल सहायक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि यह किसानों की कुल आय में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू किए जाने का प्रावधान किया गया है। 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए कोकोनट प्रोत्साहन योजना का विस्तार किया गया है। बजट 2026-27 में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मछली पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। यह कदम जल संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और पोषण सुरक्षा-तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधता है।
भारत के भविष्य को सशक्त बनाने वाला बजट:-
भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण पर सरकार का पूरा जोर है। सरकार ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने के लिए 22,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अब इसे बढ़ाकर 40 हजार करोड़ करने का प्रस्ताव करते है। इस बजट का एक प्रमुख और दूरगामी प्रावधान देशभर में 30 रासायनिक पार्कों का निर्माण है। यह पहल केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक केमिकल वैल्यू-चेन का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बजट 2026-27 ने यह स्वीकार किया है कि शहर केवल रहने के स्थान नहीं, बल्कि आर्थिक विकास के इंजन हैं। नए इकोनॉमिक ज़ोन का उद्देश्य शहरों को अव्यवस्थित विस्तार से निकालकर योजनाबद्व, उत्पादक और रोजगार-केंद्रित विकास मॉडल की ओर ले जाना है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प की मजबूती के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। इससे देश के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा।
स्वास्थ्य को सशक्त करने वाला बजट:-
स्वास्थ्य सुरक्षा को सुहढ़ करने के लिए बायोफार्मा शक्ति के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एनआईपीईआर संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा। मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उत्तर भारत में निमहंस-टू की स्थापना और रांची व तेजपुर के संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा। 17 दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगा। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा।
रक्षा एवं विमानन क्षेत्र के लिए:-
देश की सुरक्षा को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रक्षा इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए पुर्जी के निर्माण में उपयोग होने वाले आयातित कच्चे माल पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, असैनिक और प्रशिक्षण विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जी पर भी शुल्क में रियायत दी गई है। यह कदम घरेलू रक्षा विनिर्माण और विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा
व्यापार करने में आसानीः-
व्यापार को सरल बनाने और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बजट में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विश्वास आधारित प्रणाली को मजबूती देते हुए, टियर 2 और 3 के अधिकृत आर्थिक ऑपरेटरों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 से बढ़ाकर 30 दिन किया गया है। ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए कुरियर के माध्यम से निर्यात की 10 लाख रुपये की सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जो छोटे उद्यमियों और कारीगरों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा। समुद्री उत्पादों (सी-फूड) के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक विशेष घटकों के शुल्क मुक्त आयात की सीमा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और त्वरित बनाने के लिए अगले दो वर्षों में एक एकीकृत प्रणाली शुरू की जाएगी।
इस बजट को राजनीति के चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण से देखें। यह बजट आने वाले वर्षों में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आज जरूरत है कि हम सब मिलकर सरकार के प्रयासों का साथ दें, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी व परिश्रम से योगदान दें। जब सरकार और जनता एक साथ चलते हैं, तभी बड़ा परिवर्तन संभव होता है।
आइए, बजट 2026 को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। आइए, हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं। इस अवसर पर करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, सपोटरा विधायक हंसराज मीना, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवचरण मीना, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीना सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Author: गणेश सिंह शेखावत
मुख्य संपादक भारत टीवी लाइव
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